Sunday, March 6, 2011

घर घर उजाला हो....

घर घर उजाला हो....

चाँद पर चाहे पानी भी खोज निकाला हो,
चाहे क्रिकेट में कंगारूओँ को धो डाला हो।
मुल्क के मालिकों से बस इतनी है, गुजारिश,
हर मुँह में निवाला और घर घर उजाला हो।

महेश मूलचंदानी

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